नई दिल्ली। आज के वक्त में कोविड-19 महामारी ने ऐसा कोविड-19 महामारी ने ऐसा हाहाकार मचा दिया है कि परी दनिया में सिर्फ कोरोना वायरस की हा चचा है। डर से ही सही मगर दनिया के करीब 200 देशों के लोगों के जुबान पर इस खतरनाक कोरोना वायरस का नाम है, मगर एक देश ऐसा भी है जो कोरोना वायरस शब्द न सनना चाहता है और न ही अपने किसी नागरिकों को बोलने की इजाजत देता है। दरअसल, तर्कमेनिस्तान की सरकार ने कथित तौर पर कोरोना वयारस शब्द पर बैन लगा दिया है। इतना ही नहीं, इस देश में मास्क लगाने पर भी बैन लगा दिया गया है। तुर्कमेनिस्तान की सरकार ने कोरोना वायरस से कथित तौर पर स्थानीय मीडिया या या स्वास्थ्य सूचना ब्रोशर में भी %कोरोना वायरस% शब्द को प्रतिबंधित कर दिया गया है। इंडिपेंडेंट न्यूज ने तुर्कमेनिस्तान क्रॉनिकल के हवाले से बताया है कि वायरल डिजीज के रोकथाम को लेकर सूचना वाले ह ल थ मिनिस्ट्री के ब्रॉशर में भी कोरोना वायरस का उल्लेख नहीं किया जा रहा है। वहीं, पलिस इस महामारी की चर्चा करने पर भी लोगों को हिरासत में ले रही है। रेडियो अजाटलिक के रिपोर्ट के मताबिक, सादे कपडों में पलिस के विशेष एजेंट लोगों के बीच में मौजद हैं. जो छप-छपकर उनकी बातें सनते हैं ताकि कोरोना वायरस को लेकर बात करने वाले की पहचान की जा सके ।कोरोना वायरस को लेकर लाख इनकार जंग में आगे आए के बाद भी तर्कमेनिस्तान की सरकार वायरस के प्रसार को रोकने के लिए कई उपाय कर रही है। मसलन स्टेशनों पर तापमान की जांच करने की मशीन लगाई जा रही है और भीड़-भाड़ वाले इलाकों की सफाई की जा रही है। इसके अलावा, देश के भीतर नागरिकों की आवाजाही. विशेषकर राजधानी के बाहर के इलाकों से प्रतिबंधित किए जा रहे ।रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डस के के प्रमुख जेने केवेलियर का कहना है कि कोरोना वायरस के उल्लेख पर प्रतिबंध तकें मेनिस्तान के लोगों को खतरे में डाल देगा। वहीं, सरकार द्वारा संचालित न्यज एजेंसी टीडीएच ने कहा कि तर्केमेनिस्तान के जो भी नागरिक. जिनमें छात्र भी शामिल हैं उन्हेंविशेष विमान से अपने देश लाया जाएगा। इसकी व्यवस्था की जा रही है। टीडीएच केमताबिक किसी भी देश सेमहामारी का संक्रमण आयात न हो पाए. इसके लिए सरकार ने कई तरह के गंभीर उपाय किए गए हैं